Lette Hi Neend Aagyi-11

Lette Hi Neend Aagyi-11 नरगिस के सांसों ने चलना छोड़ दिया होता है आधी खुली आंखे उसकी बेबसी झलका रही होती है ! फिर भी उसका भाई एक जुनूनी की तरह उसका गला दबा रहा होता है !  रमीज़ अपने ख्वाब में यह हौलनाक मौत का मंजर देख चिंखे मार मार कर रो रहा होता है मगर उस…

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Tamanna Ae Khaam -03

Tamanna Ae Khaam -03 तमन्ना_ऐ_खाम -03 एक नयी सुबह का आगाज हो चुकी होती है…! अलफ़ाज़ तैयार होकर नाश्ता तैयार करती है., राही को उसके बर्तन में नाश्ता देकर वो खुद भी नास्ता करती है…! फिर वो अपनी स्कूटी और शॉप की चाभी लेकर घर से निकलती है…! घर के बाहर का मौसम काफी खुशगवार…

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Lette Hi Neend Aagyi-10

Lette Hi Neend Aagyi-10 अचानक अज़ान की आवाज़ कानों में पड़ते ही रमीज की आँख खुलती है आज का ख्वाब उसे हैरान करने वाला होता है पेसानी पर पड़े पसीने को पोछते हुए अपनी तेज चलती सांसो को दुरुस्त कर वो वज़ू कर के फज़र की नमाज़ अदा करता है ! बारिश का मौसम अपने जोरों पर रहता…

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Lette Hi Neend Aagyi-09

Lette Hi Neend Aagyi-09 क़ब्रिस्तान में सन्नाटा चारों ओर फैला होता है ! शबीना वापस आलती पालती मार कर बैठ अपना अमल पढ़ना शुरू कर देती है ! रमीज़ कुदाल अपने हाथ मे लिये शबीना के पास पहुँचता है ! “चलो अब जल्दी से क़बर खोद कर लड़की की मैय्यत निकालो मुझे अपना काम करना…

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Tamanna Ae Khaam -02

Tamanna Ae Khaam -02 तमन्नाऐ खाम -02 दिवाली को गुजरे दो दिन होचुके होते है ..! अपने घर के नजदीक अस्पताल की बिस्तर पर दो दिन से बेहोश पड़ी अल्फ़ाज़ की आँखे अचानक से खुलती है तो वो देखती है उसके चेहरे पर ऑक्सीजंन मास्क लगा होता है और हाथ पर पानी चढ़ने के लिए…

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Tamanna_Ae_Khaam-01

Tamanna_Ae_Khaam-01 तमन्ना ऐ खाम-01 हम में से हर एक की जिंदगी अंगिन्त ख्वाहिशों के बोझ तले दबी होती है, जिनमें से ज्यादतर ख्वाहिशें हमारी अधूरी ही रहती है! जिनके पूरा ना होने का दर्द हमें कभी कभी अंदर से खोखला कर जाता है! उसी तरह हम में से हर एक इंसान का कोई ना कोई…

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Lette Hi Neend Aagyi-08

Lette Hi Neend Aagyi-08 नक़ाब पोश औरत के अचानक चले जाने के बाद  रमीज़ वापस अपने काम में लग जाता है , पूरे क़ब्रिस्तान में झाड़ू देकर वो अपने अम्मा- अब्बा के क़बर की मिटटी को सही कर के नहाने चला जाता है और मस्जिद में ही अपने अम्मा अब्बा के मगफिरत के लिए इमाम साहब से क़ुरआन खानी करवाता है…

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Lette Hi Neend Aagyi-07

Lette Hi Neend Aagyi-07 “आज मोहब्बत को किसने मेरे घर का पता दे दिया, जो वो मेहरबान कदमों से चल कर मेरी तरफ आगये !” बेर के पेड़ के नीचे खड़े रमीज़ को देख लाइबा परी ने मुस्कुराते पेड़ के डाल पर बैठे हुए कहती है! “देखो मैं यहाँ तुमसे कोई मोहब्बत निभाने नही आया हूँ मैंने तुम्हें पहले…

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Lette Hi Neend Aagyi-06

Lette Hi Neend Aagyi-06 लेटते ही नींद आ गयी-06 रमीज़ इतना थक चुका होता है के अब उसकी हिम्मत नही होती के वो क़ब्रिस्तान में क़बर के पास बैठी औरत के पास जाकर पूछे के वो आखिर किया कर रही है इतनी रात को , एक वो नक़ाब पोश अब दूसरी यह औरत जो बैठी ना जाने किया पढ़ रही…

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Lette Hi Neend Aagyi-05

Lette Hi Neend Aagyi-05 बारिश की रफ्तार थोड़ी कम हो चुकी थी बादलों ने भी चमकना और गर्जना बंद कर दिया था ! मगर क़ब्रिस्तान का सन्नाटा वैसे ही बरक़रार होता है ! लड़की का बाप इस तरह अपनी बेटी की लाश को देख बे इनतहाँ रोने लगता है ! जिस बेटी को लाल जोड़े में देखने की ख्वाहिश…

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