SHAMA KHAN

Shama Khan is a renowned suspense writer, celebrated for her captivating fictional and non-fictional thrillers. Known for weaving gripping narratives, her stories blend mystery, emotion, and unexpected twists. Among her standout works are Shah Umair Ki Pari, a tale of enigmatic connections, and Lette Hi Neend Aa Gayi, a chilling suspense that keeps readers guessing till the end. Shama’s ability to craft immersive plots has earned her widespread acclaim and a devoted readership.

shah umair ki pari

Shah Umair Ki Pari-09

Shah Umair Ki Pari-09 शाह उमैर की परी -9शहर धनबाद में :- ”इतना बड़ा और खूबसूरत लाल गुलाब मेरे आईने के पास कैसे आया? आज से पहले तो मैंनेऐसा गुलाब का फूल पहले कभी नहीं देखा है, इस एक फूल से ऐसी खुश्बू फैली है कमरे में मानो कमरा ना हो कोईफूलों का बगीचा हो।…

Read More
shah umair ki pari

Shah Umair Ki Pari-08

Shah Umair Ki Pari-08 परी के शहर धनबाद में :- परी रोते हुए अपने कमरे में रखे आईने के सामने आकर खड़ी हो जाती है! जहा वोखुद के अक्स को आईने में देखती है, बेबस और मजबूर दिखती परी। लाचार परी, किसी ने उसके पर काट लिए होंऐसी परी। आंसुओ की धार आंखों से बहाती…

Read More
shah umair ki pari

Shah Umair Ki Pari-07

Shah Umair Ki Pari-07 शाह उमैर की परी -7 परी के शहर धनबाद में :-” परी बेटा तुम भी वहा जाकर अपने पापा के साथ मैच देखने लगी थी क्या ?” नादिया जी ने परी और हसन जी को घरमें आते देख पूछती है।’’नहीं मम्मी वो आसिफ ज़िद करने लगा तो थोड़ी देर उससे बात…

Read More
shah umair ki pari

Shah Umair Ki Pari-06

Shah Umair Ki Pari-06 दुसरी दुनियाँ ‘’ ज़ाफ़रान क़बीला : –” तुम्हारे कपड़े कैसे गंदे हो गए मिटटी में लोट कर आये हो क्या? बच्चों की तरह मिट्टी में खेलना पसन्द है क्या? ”मरयम उमैर का रास्ता रोकते हुए कहती है !“जी नहीं मै गिर गया था पैर फिसलने की वजह से और आप ये…

Read More
shah umair ki pari

Shah Umair Ki Pari-05

Shah Umair Ki Pari-05 शाह उमैर की परी – 5 दूसरी दुनियाँ ‘’ ज़ाफ़रान क़बीला : –शाह ज़ैद उमैर को ढूंढते हुए बागीचे में आते है वो इधर उधर देखते है मगर उन्हें उमैर नज़र नहीं आता फिर उनकी नज़र पेड़ पर पड़ती है तो उन्हें उमैर पेड़ पर आराम से सोया हुआ दिखता है…

Read More
shah umair ki pari

Shah Umair Ki Pari-04

Shah Umair Ki Pari-04 शाह उमैर की परी – 4 दूसरी दुनियाँ ‘’ ज़ाफ़रान क़बीला : –कई दिन गुज़र गए है मैंने बाहर का नज़ारा नहीं देखा शहंशा की दी हुई काम ही इतने ज्यादा है के मैं उनके महल से बाहर नहीं निकल पाया ! आज बाहर घूम आता हु थोड़ा ! ” उमैर…

Read More
shah umair ki pari

Shah Umair Ki Pari-03

Shah Umair Ki Pari-03 शाह उमैर की परी – 3 शहर धनबाद में:-“आज छुट्टी के दिन का क्या प्लान है परी? ”मम्मी ने पूछा।“आप बताओ मम्मी क्या करूँ?”“बेटा अपना रूम साफ़ कर लेना और कुछ हल्का नाश्ता भी बना देना, आज मेरी तबियत थोड़ी खराब है और तेरेपापा तो सुबह से बाहर निकल गए है,…

Read More

Lette Hi Neend Aagyi-12

Lette Hi Neend Aagyi-12 लेटते ही नींद आ गयी-12 अपने ख़्वाबों से बेचैन रमीज़ मगरिब की नमाज़ पढ़ वापस इमाम साहब के पास बैठ जाता है और सवालियां नज़रों से उनकी तरफ देखता है ! “रमीज़ भाई क्या होगया है ? आप इस तरह मुझे क्यों देख रहे हो ? सब खैरियत तो? ” इमाम साहब ने पूछा…

Read More

Tamanna Ae Khaam- 12

Tamanna Ae Khaam- 12 जब से मेरी शादी हुई शायद ही कोई वक़्त सुकून का कटा हो कभी शौहर तो कभी सास ससुर कोई ना कोई मुझे परेशान करते रहता था और ज़िन्दगी ने भी उन्ही उलझनों के बीच जीना लगभग सिख ही लिया था ! हाँ मगर एक रोज जब मैं कमरे में सफाई कर…

Read More

Tamanna Ae Khaam- 11

Tamanna Ae Khaam- 11 माजी में..! “हां तो कोई छुप छुप कर मेरी विदाई में रो रहा था , यार मेरी शादी क्या हुई तुम तो गायब ही होगए  ना कॉल ना मैसेज कहा हो आखिर ..?” मिस्बाह आमिर को व्हाट्सएप पर मैसेज करती है ! ” sorry यार मैं अपनी पढ़ाई में बिजी हो…

Read More
Back To Top
error: Content is protected !!