Hareem-Ek Dastaan 01
Hareem-Ek Dastaan 01 हरीम – एक दास्तान 01 अहले सुबह नहा कर वो अपने गीले बाल सुखाने के गर्ज से छत पर जाती है…! खिली खिली धुप और ठण्डी बहती सर्द हवायें उसकी खुली जुल्फों को छू कर बार बार गुज़र जाती ! वो बस एक टक अपने छत के एक कोने पर बे परवाह…