Tamanna Ae Khaam- 12

Tamanna Ae Khaam- 12 जब से मेरी शादी हुई शायद ही कोई वक़्त सुकून का कटा हो कभी शौहर तो कभी सास ससुर कोई ना कोई मुझे परेशान करते रहता था और ज़िन्दगी ने भी उन्ही उलझनों के बीच जीना लगभग सिख ही लिया था ! हाँ मगर एक रोज जब मैं कमरे में सफाई कर…

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Tamanna_Ae_Khaam- 10

Tamanna_Ae_Khaam- 10 तमन्ना_ऐ_खाम _10 नूर और अलफ़ाज़ बातें करते हुए वापस बालकोनी वाले कमरे में जाकर कुर्सी पर  बैठ जाते है  !“नूर तुमने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया के  आगे किया करना है या किया होगा  ?” अलफ़ाज़ पूछती है !” आगे किया होगा यह तो मुझे भी मालूम नहीं , मगर मिसबाह अज़ीज़…

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Tamanna Ae Khaam- 08

Tamanna Ae Khaam- 08 तमन्ना_ऐ_खाम -08 सुबह होते ही काशिफ उठ कर कमरे से बाहर चले  जाते है..! मैं सुबह के करीब  7 बजे नहा कर सीधे किचन की तरफ जाती हूं तो देखती हु के काशिफ़ गुस्से की हालत में हॉल रूम में अपने मां बाप के साथ बैठे है..! मैं खामोशी से किचन…

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Tamanna Ae Khaam-05

Tamanna Ae Khaam-05 तमन्ना_ऐ_खाम -05 “यह मोहब्बत भी बड़ी अजीब चीज़ होती है इसे आप किसी से माँग नहीं सकते यह तो बस खुद बा खुद आप की तक़दीर में अपनी जगह बना लेती है ! अगर आप की किस्मत अच्छी है तो वो खुद आप को नसीब होजाती है ! मगर मैं मोहब्बत के मामले…

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Tamanna Ae Khaam -04

Tamanna Ae Khaam -04 अल्फ़ाज़ हैरान सामने खड़ी लड़की को देख रही होती है फिर कुछ सोचते हुए कहती है! ” देखिये आप किस हक से मेरे घर को अपना घर कह रही है जरा आप बताने की ज़हमत करेंगी! “ ” क्यों ना अंदर चल कर बातें की जाये, अगर आप को कोई मसला ना…

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Lette Hi Neend Aagyi-11

Lette Hi Neend Aagyi-11 नरगिस के सांसों ने चलना छोड़ दिया होता है आधी खुली आंखे उसकी बेबसी झलका रही होती है ! फिर भी उसका भाई एक जुनूनी की तरह उसका गला दबा रहा होता है !  रमीज़ अपने ख्वाब में यह हौलनाक मौत का मंजर देख चिंखे मार मार कर रो रहा होता है मगर उस…

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Tamanna Ae Khaam -03

Tamanna Ae Khaam -03 तमन्ना_ऐ_खाम -03 एक नयी सुबह का आगाज हो चुकी होती है…! अलफ़ाज़ तैयार होकर नाश्ता तैयार करती है., राही को उसके बर्तन में नाश्ता देकर वो खुद भी नास्ता करती है…! फिर वो अपनी स्कूटी और शॉप की चाभी लेकर घर से निकलती है…! घर के बाहर का मौसम काफी खुशगवार…

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Lette Hi Neend Aagyi-10

Lette Hi Neend Aagyi-10 अचानक अज़ान की आवाज़ कानों में पड़ते ही रमीज की आँख खुलती है आज का ख्वाब उसे हैरान करने वाला होता है पेसानी पर पड़े पसीने को पोछते हुए अपनी तेज चलती सांसो को दुरुस्त कर वो वज़ू कर के फज़र की नमाज़ अदा करता है ! बारिश का मौसम अपने जोरों पर रहता…

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Tamanna_Ae_Khaam-01

Tamanna_Ae_Khaam-01 तमन्ना ऐ खाम-01 हम में से हर एक की जिंदगी अंगिन्त ख्वाहिशों के बोझ तले दबी होती है, जिनमें से ज्यादतर ख्वाहिशें हमारी अधूरी ही रहती है! जिनके पूरा ना होने का दर्द हमें कभी कभी अंदर से खोखला कर जाता है! उसी तरह हम में से हर एक इंसान का कोई ना कोई…

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Lette Hi Neend Aagyi-07

Lette Hi Neend Aagyi-07 “आज मोहब्बत को किसने मेरे घर का पता दे दिया, जो वो मेहरबान कदमों से चल कर मेरी तरफ आगये !” बेर के पेड़ के नीचे खड़े रमीज़ को देख लाइबा परी ने मुस्कुराते पेड़ के डाल पर बैठे हुए कहती है! “देखो मैं यहाँ तुमसे कोई मोहब्बत निभाने नही आया हूँ मैंने तुम्हें पहले…

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