shah umair ki pari

Shah Umair Ki Pari-07

Shah Umair Ki Pari-07 शाह उमैर की परी -7 परी के शहर धनबाद में :-” परी बेटा तुम भी वहा जाकर अपने पापा के साथ मैच देखने लगी थी क्या ?” नादिया जी ने परी और हसन जी को घरमें आते देख पूछती है।’’नहीं मम्मी वो आसिफ ज़िद करने लगा तो थोड़ी देर उससे बात…

Read More
shah umair ki pari

Shah Umair Ki Pari-06

Shah Umair Ki Pari-06 दुसरी दुनियाँ ‘’ ज़ाफ़रान क़बीला : –” तुम्हारे कपड़े कैसे गंदे हो गए मिटटी में लोट कर आये हो क्या? बच्चों की तरह मिट्टी में खेलना पसन्द है क्या? ”मरयम उमैर का रास्ता रोकते हुए कहती है !“जी नहीं मै गिर गया था पैर फिसलने की वजह से और आप ये…

Read More
shah umair ki pari

Shah Umair Ki Pari-05

Shah Umair Ki Pari-05 शाह उमैर की परी – 5 दूसरी दुनियाँ ‘’ ज़ाफ़रान क़बीला : –शाह ज़ैद उमैर को ढूंढते हुए बागीचे में आते है वो इधर उधर देखते है मगर उन्हें उमैर नज़र नहीं आता फिर उनकी नज़र पेड़ पर पड़ती है तो उन्हें उमैर पेड़ पर आराम से सोया हुआ दिखता है…

Read More
shah umair ki pari

Shah Umair Ki Pari-04

Shah Umair Ki Pari-04 शाह उमैर की परी – 4 दूसरी दुनियाँ ‘’ ज़ाफ़रान क़बीला : –कई दिन गुज़र गए है मैंने बाहर का नज़ारा नहीं देखा शहंशा की दी हुई काम ही इतने ज्यादा है के मैं उनके महल से बाहर नहीं निकल पाया ! आज बाहर घूम आता हु थोड़ा ! ” उमैर…

Read More
shah umair ki pari

Shah Umair Ki Pari-03

Shah Umair Ki Pari-03 शाह उमैर की परी – 3 शहर धनबाद में:-“आज छुट्टी के दिन का क्या प्लान है परी? ”मम्मी ने पूछा।“आप बताओ मम्मी क्या करूँ?”“बेटा अपना रूम साफ़ कर लेना और कुछ हल्का नाश्ता भी बना देना, आज मेरी तबियत थोड़ी खराब है और तेरेपापा तो सुबह से बाहर निकल गए है,…

Read More

Tamanna Ae Khaam- 12

Tamanna Ae Khaam- 12 जब से मेरी शादी हुई शायद ही कोई वक़्त सुकून का कटा हो कभी शौहर तो कभी सास ससुर कोई ना कोई मुझे परेशान करते रहता था और ज़िन्दगी ने भी उन्ही उलझनों के बीच जीना लगभग सिख ही लिया था ! हाँ मगर एक रोज जब मैं कमरे में सफाई कर…

Read More

Tamanna_Ae_Khaam- 09

Tamanna_Ae_Khaam- 09 बालकनी से सटे कमरे से अचानक एक खूबसूरत नक्श वा रंगत ,नीली बोलती आँखे , लम्बा क़द_ओ_कामत वाला एक नव जवान लड़का सलाम करते हुए अलफ़ाज़ के सामने आकर खड़ा होजाता है  और कहता है ! ” गुस्ताखी माफ करें .., बंदे को नूर अल फरीद कहते है और आप को जिस तीसरे…

Read More

Tamanna Ae Khaam- 08

Tamanna Ae Khaam- 08 तमन्ना_ऐ_खाम -08 सुबह होते ही काशिफ उठ कर कमरे से बाहर चले  जाते है..! मैं सुबह के करीब  7 बजे नहा कर सीधे किचन की तरफ जाती हूं तो देखती हु के काशिफ़ गुस्से की हालत में हॉल रूम में अपने मां बाप के साथ बैठे है..! मैं खामोशी से किचन…

Read More

Tamanna Ae Khaam- 07

Tamanna Ae Khaam- 07 शाम ढल कर रात में तबदील हो चूकी होती है ! बालकनी में आती जाती शरद हवायें अल्फ़ाज़ के वजूद को महका रही होती है! उसे यक़ीन नही होरहा होता है के वो किसी अंजान लड़की, जिससे वो एक दिन पहले मिली है उससे अपने जिंदगी के वो लम्हे शेयर कर…

Read More

Tamanna Ae Khaam – 06

Tamanna Ae Khaam – 06 तमन्ना _ऐ _खाम -06 माज़ी में… शादी के कुछ ही दिन गुज़रे थे ! मैं किचन के काम निपटा कर दोपहर में  करीब चार बजे अपने कमरे में जाती हूँ तो काशिफ मुझे बेड पर बेखबर सोये हुए  मिलते है ! मैं कुछ देर बैठ कर उसे निहारती हूँ ! जैसे…

Read More
Back To Top
error: Content is protected !!