shah umair ki pari

Shah Umair Ki Pari-16

Shah Umair Ki Pari-16 शाह उमैर की परी -16 शहर धनबाद में :- ”मम्मी पापा आप दोनों भी चले मेरे साथ संगीता की शादी मे ।” परीने कहा !”हम कहा जाएंगे बेटा इस उमर में, तुम ऐसा करो आसिफ को अपने साथ ले जाओ !”नदिया जीकहती है !“नहीं मम्मी मेरे दोस्त की शादी है वहा…

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Shah Umair Ki Pari-13

Shah Umair Ki Pari-13 शाह उमैर की परी -13 शहर धनबाद में :- “ओफ्फो! परी बेटा ऑफिस नहीं जाओगी तो क्या दिन भर सोती ही रहोगी? कितनीदेर हुई तुम्हें सोते। चलो अब, उठो कुछ तरकीब निकालते है तुम्हारे काम के लिए। कुछ न कुछ हो हीजायेगा। लेकिन जागना पड़ेगा बेटे। ऐसे सोकर अपने आप को…

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Shah Umair Ki Pari-10

Shah Umair Ki Pari-10 शाह उमैर की परी -10 : शहर धनबाद में :-”परी मैम आप को बॉस अपने केबिन में बुला रहे है !” ऑफिस बॉय छोटू कहता है!परी को अच्छे से पता रहता है कि जिस तरह उसने दोपहर में अपने बॉस को सुनाया था वो जरूर उससे बदलालेगा। परी सोचती हुई बॉस…

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Shah Umair Ki Pari-09

Shah Umair Ki Pari-09 शाह उमैर की परी -9शहर धनबाद में :- ”इतना बड़ा और खूबसूरत लाल गुलाब मेरे आईने के पास कैसे आया? आज से पहले तो मैंनेऐसा गुलाब का फूल पहले कभी नहीं देखा है, इस एक फूल से ऐसी खुश्बू फैली है कमरे में मानो कमरा ना हो कोईफूलों का बगीचा हो।…

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Shah Umair Ki Pari-05

Shah Umair Ki Pari-05 शाह उमैर की परी – 5 दूसरी दुनियाँ ‘’ ज़ाफ़रान क़बीला : –शाह ज़ैद उमैर को ढूंढते हुए बागीचे में आते है वो इधर उधर देखते है मगर उन्हें उमैर नज़र नहीं आता फिर उनकी नज़र पेड़ पर पड़ती है तो उन्हें उमैर पेड़ पर आराम से सोया हुआ दिखता है…

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Shah Umair Ki Pari-04

Shah Umair Ki Pari-04 शाह उमैर की परी – 4 दूसरी दुनियाँ ‘’ ज़ाफ़रान क़बीला : –कई दिन गुज़र गए है मैंने बाहर का नज़ारा नहीं देखा शहंशा की दी हुई काम ही इतने ज्यादा है के मैं उनके महल से बाहर नहीं निकल पाया ! आज बाहर घूम आता हु थोड़ा ! ” उमैर…

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Shah Umair Ki Pari-03

Shah Umair Ki Pari-03 शाह उमैर की परी – 3 शहर धनबाद में:-“आज छुट्टी के दिन का क्या प्लान है परी? ”मम्मी ने पूछा।“आप बताओ मम्मी क्या करूँ?”“बेटा अपना रूम साफ़ कर लेना और कुछ हल्का नाश्ता भी बना देना, आज मेरी तबियत थोड़ी खराब है और तेरेपापा तो सुबह से बाहर निकल गए है,…

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Lette Hi Neend Aagyi-12

Lette Hi Neend Aagyi-12 लेटते ही नींद आ गयी-12 अपने ख़्वाबों से बेचैन रमीज़ मगरिब की नमाज़ पढ़ वापस इमाम साहब के पास बैठ जाता है और सवालियां नज़रों से उनकी तरफ देखता है ! “रमीज़ भाई क्या होगया है ? आप इस तरह मुझे क्यों देख रहे हो ? सब खैरियत तो? ” इमाम साहब ने पूछा…

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Tamanna Ae Khaam- 12

Tamanna Ae Khaam- 12 जब से मेरी शादी हुई शायद ही कोई वक़्त सुकून का कटा हो कभी शौहर तो कभी सास ससुर कोई ना कोई मुझे परेशान करते रहता था और ज़िन्दगी ने भी उन्ही उलझनों के बीच जीना लगभग सिख ही लिया था ! हाँ मगर एक रोज जब मैं कमरे में सफाई कर…

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Tamanna_Ae_Khaam- 09

Tamanna_Ae_Khaam- 09 बालकनी से सटे कमरे से अचानक एक खूबसूरत नक्श वा रंगत ,नीली बोलती आँखे , लम्बा क़द_ओ_कामत वाला एक नव जवान लड़का सलाम करते हुए अलफ़ाज़ के सामने आकर खड़ा होजाता है  और कहता है ! ” गुस्ताखी माफ करें .., बंदे को नूर अल फरीद कहते है और आप को जिस तीसरे…

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