Tamanna Ae Khaam -04

Tamanna Ae Khaam -04 अल्फ़ाज़ हैरान सामने खड़ी लड़की को देख रही होती है फिर कुछ सोचते हुए कहती है! ” देखिये आप किस हक से मेरे घर को अपना घर कह रही है जरा आप बताने की ज़हमत करेंगी! “ ” क्यों ना अंदर चल कर बातें की जाये, अगर आप को कोई मसला ना…

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Lette Hi Neend Aagyi-11

Lette Hi Neend Aagyi-11 नरगिस के सांसों ने चलना छोड़ दिया होता है आधी खुली आंखे उसकी बेबसी झलका रही होती है ! फिर भी उसका भाई एक जुनूनी की तरह उसका गला दबा रहा होता है !  रमीज़ अपने ख्वाब में यह हौलनाक मौत का मंजर देख चिंखे मार मार कर रो रहा होता है मगर उस…

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Lette Hi Neend Aagyi-09

Lette Hi Neend Aagyi-09 क़ब्रिस्तान में सन्नाटा चारों ओर फैला होता है ! शबीना वापस आलती पालती मार कर बैठ अपना अमल पढ़ना शुरू कर देती है ! रमीज़ कुदाल अपने हाथ मे लिये शबीना के पास पहुँचता है ! “चलो अब जल्दी से क़बर खोद कर लड़की की मैय्यत निकालो मुझे अपना काम करना…

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Tamanna_Ae_Khaam-01

Tamanna_Ae_Khaam-01 तमन्ना ऐ खाम-01 हम में से हर एक की जिंदगी अंगिन्त ख्वाहिशों के बोझ तले दबी होती है, जिनमें से ज्यादतर ख्वाहिशें हमारी अधूरी ही रहती है! जिनके पूरा ना होने का दर्द हमें कभी कभी अंदर से खोखला कर जाता है! उसी तरह हम में से हर एक इंसान का कोई ना कोई…

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Lette Hi Neend Aagyi-08

Lette Hi Neend Aagyi-08 नक़ाब पोश औरत के अचानक चले जाने के बाद  रमीज़ वापस अपने काम में लग जाता है , पूरे क़ब्रिस्तान में झाड़ू देकर वो अपने अम्मा- अब्बा के क़बर की मिटटी को सही कर के नहाने चला जाता है और मस्जिद में ही अपने अम्मा अब्बा के मगफिरत के लिए इमाम साहब से क़ुरआन खानी करवाता है…

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Lette Hi Neend Aagyi-06

Lette Hi Neend Aagyi-06 लेटते ही नींद आ गयी-06 रमीज़ इतना थक चुका होता है के अब उसकी हिम्मत नही होती के वो क़ब्रिस्तान में क़बर के पास बैठी औरत के पास जाकर पूछे के वो आखिर किया कर रही है इतनी रात को , एक वो नक़ाब पोश अब दूसरी यह औरत जो बैठी ना जाने किया पढ़ रही…

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Lette Hi Neend Aagyi-05

Lette Hi Neend Aagyi-05 बारिश की रफ्तार थोड़ी कम हो चुकी थी बादलों ने भी चमकना और गर्जना बंद कर दिया था ! मगर क़ब्रिस्तान का सन्नाटा वैसे ही बरक़रार होता है ! लड़की का बाप इस तरह अपनी बेटी की लाश को देख बे इनतहाँ रोने लगता है ! जिस बेटी को लाल जोड़े में देखने की ख्वाहिश…

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Lette Hi Neend Aagyi-04

Lette Hi Neend Aagyi-04 लेटते ही नींद आगयी-04 रमीज़ को गिरता देख दोनों आदमी लपक कर रमीज़ की तरफ बढ़ते है , बारिश और अंधेरे की वजह से रमीज़ उनकी शकल नहीं देख पा रहा होता है उनमे से एक आदमी आगे बढ़ कर ज़मीन में गिरे हुए रमीज़ को कॉलर से पकड़ कर उठाता…

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Ishq Ek Bla-03-End

Ishq Ek Bla-03-End “मेरी दिल की सुकून, मेरी जान ज़ारा , अस्सलाम ओ अलैकुम मैं यहां खैरियत से हूँ और उम्मीद करता हूँ के तुम भी खैरियत से होगी ! तुम्हारा खत मुझे वक्त पर मिल गया था ! पढ़ कर काफी ख़ुशी हुई और थोड़ा ताज्जुब भी , तुमने ऐसा क्यों कहा के हमारा…

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Lette hi neend aagyi-03

Lette hi neend aagyi-03 सुबह के बचे हुए खाने को खा कर रमीज़ अपने बिस्तर पर लेट जाता है दिन भर का थका रमीज़ फ़ौरन ही नींद के वादियों में खो जाता है जहा से शुरू होता है उसके खाव्बों का सफर ! ”अम्मा भैया से कह कर कुछ रुपय दिला दो मुझे अपना खुद…

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