Tamanna_Ae_Khaam- 09

Tamanna_Ae_Khaam- 09 बालकनी से सटे कमरे से अचानक एक खूबसूरत नक्श वा रंगत ,नीली बोलती आँखे , लम्बा क़द_ओ_कामत वाला एक नव जवान लड़का सलाम करते हुए अलफ़ाज़ के सामने आकर खड़ा होजाता है  और कहता है ! ” गुस्ताखी माफ करें .., बंदे को नूर अल फरीद कहते है और आप को जिस तीसरे…

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Tamanna Ae Khaam- 08

Tamanna Ae Khaam- 08 तमन्ना_ऐ_खाम -08 सुबह होते ही काशिफ उठ कर कमरे से बाहर चले  जाते है..! मैं सुबह के करीब  7 बजे नहा कर सीधे किचन की तरफ जाती हूं तो देखती हु के काशिफ़ गुस्से की हालत में हॉल रूम में अपने मां बाप के साथ बैठे है..! मैं खामोशी से किचन…

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Tamanna Ae Khaam- 07

Tamanna Ae Khaam- 07 शाम ढल कर रात में तबदील हो चूकी होती है ! बालकनी में आती जाती शरद हवायें अल्फ़ाज़ के वजूद को महका रही होती है! उसे यक़ीन नही होरहा होता है के वो किसी अंजान लड़की, जिससे वो एक दिन पहले मिली है उससे अपने जिंदगी के वो लम्हे शेयर कर…

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Tamanna Ae Khaam-05

Tamanna Ae Khaam-05 तमन्ना_ऐ_खाम -05 “यह मोहब्बत भी बड़ी अजीब चीज़ होती है इसे आप किसी से माँग नहीं सकते यह तो बस खुद बा खुद आप की तक़दीर में अपनी जगह बना लेती है ! अगर आप की किस्मत अच्छी है तो वो खुद आप को नसीब होजाती है ! मगर मैं मोहब्बत के मामले…

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Tamanna Ae Khaam -02

Tamanna Ae Khaam -02 तमन्नाऐ खाम -02 दिवाली को गुजरे दो दिन होचुके होते है ..! अपने घर के नजदीक अस्पताल की बिस्तर पर दो दिन से बेहोश पड़ी अल्फ़ाज़ की आँखे अचानक से खुलती है तो वो देखती है उसके चेहरे पर ऑक्सीजंन मास्क लगा होता है और हाथ पर पानी चढ़ने के लिए…

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Tamanna_Ae_Khaam-01

Tamanna_Ae_Khaam-01 तमन्ना ऐ खाम-01 हम में से हर एक की जिंदगी अंगिन्त ख्वाहिशों के बोझ तले दबी होती है, जिनमें से ज्यादतर ख्वाहिशें हमारी अधूरी ही रहती है! जिनके पूरा ना होने का दर्द हमें कभी कभी अंदर से खोखला कर जाता है! उसी तरह हम में से हर एक इंसान का कोई ना कोई…

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Lette Hi Neend Aagyi-08

Lette Hi Neend Aagyi-08 नक़ाब पोश औरत के अचानक चले जाने के बाद  रमीज़ वापस अपने काम में लग जाता है , पूरे क़ब्रिस्तान में झाड़ू देकर वो अपने अम्मा- अब्बा के क़बर की मिटटी को सही कर के नहाने चला जाता है और मस्जिद में ही अपने अम्मा अब्बा के मगफिरत के लिए इमाम साहब से क़ुरआन खानी करवाता है…

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Lette Hi Neend Aagyi-06

Lette Hi Neend Aagyi-06 लेटते ही नींद आ गयी-06 रमीज़ इतना थक चुका होता है के अब उसकी हिम्मत नही होती के वो क़ब्रिस्तान में क़बर के पास बैठी औरत के पास जाकर पूछे के वो आखिर किया कर रही है इतनी रात को , एक वो नक़ाब पोश अब दूसरी यह औरत जो बैठी ना जाने किया पढ़ रही…

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Lette Hi Neend Aagyi-05

Lette Hi Neend Aagyi-05 बारिश की रफ्तार थोड़ी कम हो चुकी थी बादलों ने भी चमकना और गर्जना बंद कर दिया था ! मगर क़ब्रिस्तान का सन्नाटा वैसे ही बरक़रार होता है ! लड़की का बाप इस तरह अपनी बेटी की लाश को देख बे इनतहाँ रोने लगता है ! जिस बेटी को लाल जोड़े में देखने की ख्वाहिश…

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Lette Hi Neend Aagyi-04

Lette Hi Neend Aagyi-04 लेटते ही नींद आगयी-04 रमीज़ को गिरता देख दोनों आदमी लपक कर रमीज़ की तरफ बढ़ते है , बारिश और अंधेरे की वजह से रमीज़ उनकी शकल नहीं देख पा रहा होता है उनमे से एक आदमी आगे बढ़ कर ज़मीन में गिरे हुए रमीज़ को कॉलर से पकड़ कर उठाता…

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